अब मिलते कहाँ हैं दोस्त साथ निभाने वाले,
सब ने सीखे हैं अंदाज़ ज़माने वाले,
दिल जलाओ की दिए आंखों के,
वक्त गुजरने पर ही आते हैं चाहने वाले,
वक्त बदला तो उठाते हैं अब उंगुलियां मुझ पर,
जो कल तलक थे मेरे हक में सर कटाने वाले,
अश्क बनके आऊंगा आंखों में तेरी मैं,
ए अपनी नज़रों से मुझे गिराने वाले,
वक्त हर ज़ख्म का मरहम तो नही बन सकता,
कुछ दर्द होते ही हैं उमर भर रुलाने वाले ...
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शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2009
गुरुवार, 16 जुलाई 2009
न मिलेगा ...
भीगी हुयी आंखों का ये मंजर न मिलेगा,
घर छोड़ के ना जाओ कही ये घर न मिलेगा
फिर याद बहुत आएगी घनी जुल्फों की शाम,
जब धूप में साया कोई सर पर न मिलेगा
आँसू को कभी ओस का कतरा न समझाना,
ऐसा कहीं चाहत का समंदर न मिलेगा
इस ख्बाब के महल में बे-ख्बाब हैं आँखें,
जब नींद बहुत आएगी तो कोई बिस्तर न मिलेगा
अनमोल सजावट है ये शर्मिल हँसी भी,
बाज़ार में ऐसा कोई जेवर न मिलेगा
ये सोच लो की अब आखिरी साया है ये मोहब्बत,
इस दर से जो उठोगे तो कोई और दर न मिलेगा ...
घर छोड़ के ना जाओ कही ये घर न मिलेगा
फिर याद बहुत आएगी घनी जुल्फों की शाम,
जब धूप में साया कोई सर पर न मिलेगा
आँसू को कभी ओस का कतरा न समझाना,
ऐसा कहीं चाहत का समंदर न मिलेगा
इस ख्बाब के महल में बे-ख्बाब हैं आँखें,
जब नींद बहुत आएगी तो कोई बिस्तर न मिलेगा
अनमोल सजावट है ये शर्मिल हँसी भी,
बाज़ार में ऐसा कोई जेवर न मिलेगा
ये सोच लो की अब आखिरी साया है ये मोहब्बत,
इस दर से जो उठोगे तो कोई और दर न मिलेगा ...
शनिवार, 6 जून 2009
किनारा ...
किसी की आँखों में मोहब्बत का सितारा होगा,
एक दिन आएगा जब कोई शख्स हमारा होगा
कोई जहाँ मेरे लिए मोती भरी सीपियाँ चुनता होगा,
वो किसी और दुनिया का किनारा होगा
काम मुश्किल है, मगर जीत ही लूँगा किसी दिल को,
मेरे खुदा का अगर ज़रा सा भी सहारा होगा
किसी के होने पर चलेंगी मेरी साँसे,
कोई तो होगा जिसके बिन ना मेरा गुजारा होगा
देखो ये अचानक उजाला हो चला है,
दिल कहता है शायद किसी ने धीरे से मेरा नाम पुकारा होगा
और यहाँ देखो पानी में चलता एक अनजान साया,
शायद उसने दूसरे किनारे पर अपना पैर उतारा होगा
अब तो बस उस किसी एक का इंतज़ार है,
किसी और का ख्याल इस दिल को ना गंवारा होगा
जानता हूँ अकेला हूँ फिलहाल,
पर उम्मीद है की दूसरी ओर ज़िन्दगी का कोई और किनारा होगा
एक दिन आएगा जब कोई शख्स हमारा होगा
कोई जहाँ मेरे लिए मोती भरी सीपियाँ चुनता होगा,
वो किसी और दुनिया का किनारा होगा
काम मुश्किल है, मगर जीत ही लूँगा किसी दिल को,
मेरे खुदा का अगर ज़रा सा भी सहारा होगा
किसी के होने पर चलेंगी मेरी साँसे,
कोई तो होगा जिसके बिन ना मेरा गुजारा होगा
देखो ये अचानक उजाला हो चला है,
दिल कहता है शायद किसी ने धीरे से मेरा नाम पुकारा होगा
और यहाँ देखो पानी में चलता एक अनजान साया,
शायद उसने दूसरे किनारे पर अपना पैर उतारा होगा
अब तो बस उस किसी एक का इंतज़ार है,
किसी और का ख्याल इस दिल को ना गंवारा होगा
जानता हूँ अकेला हूँ फिलहाल,
पर उम्मीद है की दूसरी ओर ज़िन्दगी का कोई और किनारा होगा
बुधवार, 3 जून 2009
मधुशाला
जिंदगी है, आत्मा है, ज्ञान है, मदभरा संगीत है और गान है,
सारी दुनिया के लिए ये सोमरस साकिया, तेरा अनूठा दान है
कौन कहता है की पीना पाप है, कौन कहता है की ये एक अभिशाप है,
गुन सुरा के शुष्क जन जाने कहाँ, ईश पाने का यह भी एक जाप है
क्या निराली मस्ती लाती है सुरा, हर वेदना पल में मिटाती है सुरा,
कोई भुला नही सकता इसका असर, रंग ऐसा चढाती है सुरा
क्या नज़ारे हैं छलकते प्यालों के, क्या गिनाऊ गुन तुम्हे इस हाला के,
सोते-जागते मुझे ख्बाब आते भी है तो, आते हैं बस तेरी मधुशाला के
साकिया तुझको सदा भाता रहूँ, तेरी आँखों से सुरा पाता रहूँ,
इच्छा सदा पीने की जिंदा रहे, और मयखाने तेरे मैं आता रहूँ
सारी दुनिया के लिए ये सोमरस साकिया, तेरा अनूठा दान है
कौन कहता है की पीना पाप है, कौन कहता है की ये एक अभिशाप है,
गुन सुरा के शुष्क जन जाने कहाँ, ईश पाने का यह भी एक जाप है
क्या निराली मस्ती लाती है सुरा, हर वेदना पल में मिटाती है सुरा,
कोई भुला नही सकता इसका असर, रंग ऐसा चढाती है सुरा
क्या नज़ारे हैं छलकते प्यालों के, क्या गिनाऊ गुन तुम्हे इस हाला के,
सोते-जागते मुझे ख्बाब आते भी है तो, आते हैं बस तेरी मधुशाला के
साकिया तुझको सदा भाता रहूँ, तेरी आँखों से सुरा पाता रहूँ,
इच्छा सदा पीने की जिंदा रहे, और मयखाने तेरे मैं आता रहूँ
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