किसी की आँखों में मोहब्बत का सितारा होगा,
एक दिन आएगा जब कोई शख्स हमारा होगा
कोई जहाँ मेरे लिए मोती भरी सीपियाँ चुनता होगा,
वो किसी और दुनिया का किनारा होगा
काम मुश्किल है, मगर जीत ही लूँगा किसी दिल को,
मेरे खुदा का अगर ज़रा सा भी सहारा होगा
किसी के होने पर चलेंगी मेरी साँसे,
कोई तो होगा जिसके बिन ना मेरा गुजारा होगा
देखो ये अचानक उजाला हो चला है,
दिल कहता है शायद किसी ने धीरे से मेरा नाम पुकारा होगा
और यहाँ देखो पानी में चलता एक अनजान साया,
शायद उसने दूसरे किनारे पर अपना पैर उतारा होगा
अब तो बस उस किसी एक का इंतज़ार है,
किसी और का ख्याल इस दिल को ना गंवारा होगा
जानता हूँ अकेला हूँ फिलहाल,
पर उम्मीद है की दूसरी ओर ज़िन्दगी का कोई और किनारा होगा
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शनिवार, 6 जून 2009
बुधवार, 3 जून 2009
मधुशाला
जिंदगी है, आत्मा है, ज्ञान है, मदभरा संगीत है और गान है,
सारी दुनिया के लिए ये सोमरस साकिया, तेरा अनूठा दान है
कौन कहता है की पीना पाप है, कौन कहता है की ये एक अभिशाप है,
गुन सुरा के शुष्क जन जाने कहाँ, ईश पाने का यह भी एक जाप है
क्या निराली मस्ती लाती है सुरा, हर वेदना पल में मिटाती है सुरा,
कोई भुला नही सकता इसका असर, रंग ऐसा चढाती है सुरा
क्या नज़ारे हैं छलकते प्यालों के, क्या गिनाऊ गुन तुम्हे इस हाला के,
सोते-जागते मुझे ख्बाब आते भी है तो, आते हैं बस तेरी मधुशाला के
साकिया तुझको सदा भाता रहूँ, तेरी आँखों से सुरा पाता रहूँ,
इच्छा सदा पीने की जिंदा रहे, और मयखाने तेरे मैं आता रहूँ
सारी दुनिया के लिए ये सोमरस साकिया, तेरा अनूठा दान है
कौन कहता है की पीना पाप है, कौन कहता है की ये एक अभिशाप है,
गुन सुरा के शुष्क जन जाने कहाँ, ईश पाने का यह भी एक जाप है
क्या निराली मस्ती लाती है सुरा, हर वेदना पल में मिटाती है सुरा,
कोई भुला नही सकता इसका असर, रंग ऐसा चढाती है सुरा
क्या नज़ारे हैं छलकते प्यालों के, क्या गिनाऊ गुन तुम्हे इस हाला के,
सोते-जागते मुझे ख्बाब आते भी है तो, आते हैं बस तेरी मधुशाला के
साकिया तुझको सदा भाता रहूँ, तेरी आँखों से सुरा पाता रहूँ,
इच्छा सदा पीने की जिंदा रहे, और मयखाने तेरे मैं आता रहूँ
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