शनिवार, 6 जून 2009

किनारा ...

किसी की आँखों में मोहब्बत का सितारा होगा,
एक दिन आएगा जब कोई शख्स हमारा होगा

कोई जहाँ मेरे लिए मोती भरी सीपियाँ चुनता होगा,
वो किसी और दुनिया का किनारा होगा

काम मुश्किल है, मगर जीत ही लूँगा किसी दिल को,
मेरे खुदा का अगर ज़रा सा भी सहारा होगा

किसी के होने पर चलेंगी मेरी साँसे,
कोई तो होगा जिसके बिन ना मेरा गुजारा होगा

देखो ये अचानक उजाला हो चला है,
दिल कहता है शायद किसी ने धीरे से मेरा नाम पुकारा होगा

और यहाँ देखो पानी में चलता एक अनजान साया,
शायद उसने दूसरे किनारे पर अपना पैर उतारा होगा

अब तो बस उस किसी एक का इंतज़ार है,
किसी और का ख्याल इस दिल को ना गंवारा होगा

जानता हूँ अकेला हूँ फिलहाल,
पर उम्मीद है की दूसरी ओर ज़िन्दगी का कोई और किनारा होगा

4 टिप्‍पणियां:

  1. आमीन ! :)
    स्वागत है हिंदी ब्लॉग्गिंग में !

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  2. टिपण्णी से वर्ड वेरिफिकेशन हटा दें... असुविधा होती है.

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  3. अब तो बस उस किसी एक का इंतज़ार है,
    किसी और का ख्याल इस दिल को ना गंवारा होगा

    -बहुत उम्दा!!


    आपका हिन्दी चिट्ठाजगत में हार्दिक स्वागत है. आपके नियमित लेखन के लिए अनेक शुभकामनाऐं.

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  4. आपकी टिपण्णी के लिए बहुत बहुत शुक्रिया!
    बहुत ख़ूबसूरत रचना लिखा है आपने जो काबिले तारीफ है!

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